श्री बगला कल्पतरु
& Free Shippingश्रीपीताम्बरा बगलामुखी, दश महाविद्याओं में विशेष स्थान रखती हैं, जिन्हें ब्रह्मास्त्र विद्या, स्तम्भिनी-विद्या, स्तम्भ माया आदि नामों से जाना जाता है। ‘बगला’ शब्द ‘वल्गा’ का अपभ्रंश है, जिसका अर्थ है ‘निग्रह करनेवाली’। भारतीय संस्कृति में ‘मन्त्र विज्ञान’ को ऋषियों द्वारा मन की शक्ति को विकसित करने का प्रमुख साधन माना गया है, और बगलामुखी मंत्र-विद्या इसका अद्वितीय उदाहरण है। स्वामी जी ने इस गुह्य विद्या को जनकल्याण हेतु सहज रूप से उद्घाटित किया। पीताम्बरा पीठ, दतिया में स्थित, उनकी साधना का साक्षी है। 1961 में यहां हुए ‘राष्ट्र-रक्षा-अनुष्ठान’ का प्रभाव आज भी महसूस किया जाता है। स्वामी जी की कृति ‘श्रीवगला-मुखी-रहस्य’ और ‘सांख्यायन तंत्र’ जैसे ग्रंथ, बगलामुखी उपासना के गूढ़ रहस्यों को उजागर करते हैं। ‘श्रीबगला-कल्पतरु’ का यह दूसरा संस्करण साधकों के लिए अमूल्य है, जिसमें ब्रह्मास्त्र-विद्या की जानकारी दी गई है।






Puja Rajvanshi –
Jai maa 🙏🙏🙏
Puja Rajvanshi –
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Excellent knowledgeable
Adv Supra Agrawal –
Bahut hi Durlabh jankari, saadhakon ke liye