द्वार पर ९ घंटियाँ और ९ सिक्के अभिमंत्रित कर लटकाएँ और अपना और अपने परिवार का भाग्योदय करें
अपने द्वार पर ९ घंटियाँ और ९ सिक्के अभिमंत्रित कर लटकाएँ और अपना और अपने परिवार का भाग्योदय कीजिए।
परमेश्वर के आदेश की कोई व्याख्या या परिभाषा नहीं कर सकता। उसके आदेश से ही विभिन्न शास्त्रों की रचना परमार्थ , परोपकार एवं कल्याणार्थ की गई हैं। उसी के अनुसार मंत्र शास्त्र की भी रचना हुई हैं। इसीलिए घंटियों और सिक्को को मंत्रो के माध्यम से अभिमंत्रित किया जाता हैं।
सिक्के और घंटियों का अपना विशेष आध्यात्मिक महत्व हैं। आप जब भी सिक्के और घंटियाँ लटकाएँ , उन्हें पीले (नींबू रंग )के रिबन में ही लटकाएँ , ज्यादा ऊर्जा उत्पन्न होगी। इसके लिए संस्था भाग्योदय इंडिया ने ने सद्गुरुओं के निर्देशन पर पीतल घंटियाँ एवं ताम्बे के भी सिक्को का भी निर्माण कराया हैं। यदि और ऊर्जा पैदा करना हो तो इसके साथ एक सर्व-सिद्ध वास्तु यंत्र भी लटका सकते हैं। इन्हे लगाने के बाद प्रत्येक माह के पुष्प नक्षत्र पर साफ़ कर पुनः अभिमंत्रित कर लटकाएँ।
सिक्के एवं सर्वसिद्ध वास्तु यंत्र अंदर लटकाएँ
पीले रिबन में बंधे ९ सिक्के एवं एक सर्वसिद्ध वास्तु यंत्र को मुख्य द्वार के अंदर लटकाना चाहिए , बाहर नहीं लटकाना चाहिए। यह दर्शाता हैं कि सुख समृद्धि की धनात्मक ऊर्जा आपके घर , दफ्तर , व्यापार में प्रवेश सूक्ष्म रूप से कर गई हैं, यदि सिक्के एवं वास्तु यंत्र आप बाहर लटकाते हैं तो यह दिखाता हैं कि समृद्धि भाग्य आपके द्वार दस्तक दे रही हैं , पर आ नहीं पा रही हैं।
सिक्के कभी भी पीछले द्वार पर नहीं लगाने चाहिए अन्यथा सकारात्मक ऊर्जा अंदर आकर पिछले द्वार से दुबारा बाहर चली जाएगी।
९ घंटियाँ बाहर लटकाएँ। …..
पीतल की घंटियों को बाहर द्वार पर लटकाना चाहिए , जैसे मंदिरों में , गिरिजाघरों में , घण्टे लटकाए जाते हैं , इससे सकारात्मक धनात्मक समृद्धिदायक ऊर्जा आपके घर , व्यापार स्थल अथवा दफ्तर में प्रवेश करती हैं। सूक्ष्म शक्ति ईश्वर का अभिन्न अंग हैं।
महत्वपूर्ण बिंदु
घंटियों और सिक्कों का महत्व
- घंटियाँ और सिक्के आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण होते हैं।
- मुख्य द्वार पर 9 घंटियाँ और 9 सिक्के लटकाने से परिवार में समृद्धि और शुभ ऊर्जा का प्रवाह होता है।
- मंत्रों द्वारा अभिमंत्रित घंटियाँ और सिक्के सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं।
2. सही स्थान पर स्थापना
- पीतल की घंटियाँ मुख्य द्वार के बाहर लटकाई जानी चाहिए, ताकि मंदिर या गिरिजाघरों की तरह समृद्धि देने वाली ऊर्जा घर में प्रवेश करे।
- सिक्के और सर्वसिद्ध वास्तु यंत्र मुख्य द्वार के अंदर लटकाना चाहिए, जिससे सुख और समृद्धि घर या दफ्तर के अंदर प्रवेश कर सके।
- पिछले दरवाजे पर सिक्के कभी नहीं लगाने चाहिए, अन्यथा सकारात्मक ऊर्जा बाहर चली जाएगी।
3. पीले रिबन का उपयोग
- घंटियाँ और सिक्के हमेशा पीले (नींबू रंग) के रिबन में लटकाने चाहिए।
- यह रंग ऊर्जा को अधिक प्रभावी और सकारात्मक बनाता है।
4. मासिक सफाई और पुनः अभिमंत्रण
- प्रत्येक महीने पुष्य नक्षत्र के दिन घंटियों और सिक्कों की सफाई करें।
- इन्हें दोबारा मंत्रों से अभिमंत्रित करके लटकाएं, ताकि इनकी ऊर्जा प्रभावी बनी रहे।
5. सर्वसिद्ध वास्तु यंत्र का उपयोग
- ऊर्जा को बढ़ाने के लिए, सिक्कों के साथ एक सर्वसिद्ध वास्तु यंत्र भी लटकाएं।
- घंटियाँ, सिक्के, और वास्तु यंत्र का संयोजन मिलकर सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि को आकर्षित करता है।
