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दूरदर्शिता की कमी: मानसिक और नैतिक कमजोरी
संसार में अधिकांश लोग भविष्य के बारे में निरंतर अदूरदर्शी होते हैं। हमारा संसार मानो एक क्षुद्र वर्तुल सा होता हैं , हम बस उसी में आबद्ध रहते हैं। हमारे भीतर दूरदर्शिता के लिए सहन शीलता , धैर्य कदापि नहीं रहता और इसलिए हम दुष्ट और नीच हो जाते हैं। यह हमारी कमजोरी-शारीरिक एवं मानसिक कृत्रिम-शक्तिहीनता हैं|
कुछ मुख्य बिंदु
- भविष्य की अदूरदर्शिता – अधिकांश लोग भविष्य की योजना में दूरदर्शिता नहीं रखते।
- संकीर्ण दृष्टिकोण – लोग सीमित विचारों और अपने छोटे संसार में बंधे रहते हैं।
- सहनशीलता और धैर्य की कमी – दूरदर्शिता के लिए आवश्यक धैर्य और सहनशीलता का अभाव होता है।
- नैतिक पतन – अदूरदर्शिता के कारण व्यक्ति दुष्ट और नीच प्रवृत्तियों की ओर अग्रसर हो जाता है।
- मानसिक और शारीरिक कमजोरी – अदूरदर्शिता मानसिक और शारीरिक कृत्रिम शक्तिहीनता का संकेत है।
- आवश्यकता: व्यापक दृष्टिकोण – भविष्य की चुनौतियों के लिए सहनशीलता और धैर्य को विकसित करना चाहिए।
