Regular Practice and Self-Discipline: The Path to Success and Spiritual Growth
मन, चित्त एवं शरीर को आंतरिक एवं बाह्य रूप से सशक्त बनाने के लिए अच्छी आदतों का विकास करना और समय प्रबंधन के अनुसार उनका अभ्यास करना अत्यंत आवश्यक है।निरंतर अभ्यास में नियमितता अत्यंत आवश्यक है। आरंभ में कंप्यूटर पर टाइप करने में कठिनाई होती है, लेकिन बार-बार अभ्यास करने से उंगलियां अभ्यस्त हो जाती […]
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