आध्यात्मिक

Path Of Spiritual Progress

आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग ईश्वर, मंत्र, सूक्ष्म चैतन्य शक्ति तथा गुरु एक ही तत्व के विभिन्न स्तर हैं। ये सभी आत्मिक विकास और आध्यात्मिक जागरण के साधन हैं। इनमें प्रार्थना, जप-तप, भक्ति, साधना, ध्यान और योग की दृष्टि से अलग-अलग तत्वों की कल्पना की गई है। मनुष्य, भक्त और साधक अपनी आध्यात्मिक उन्नति के साथ […]

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Glory Of Karmayoga

कर्मयोग की महिमा भगवान कर्मफल , प्रारब्धानुसार प्रदान करते हैं।  भाव से भोगा गया कर्मफल प्रारब्ध क्षय का कारण होता हैं , किन्तु कर्तव्य पालन मनुष्य , भक्त , साधक के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।  कर्मफल की अनुकूलता -प्रतिकूलता का भाव त्याग कर, ईश्वर की सेवा समझते हुए चीत को सदैव प्रसन्न , संतुष्ट बनाए

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Towards Success Through Karmayoga and Time Management

 कर्मयोग और समय प्रबंधन से सफलता की ओर पुरुषार्थ और कर्मयोग के पसीने की बूंदों से ब्रह्म-मुहुर्त में उठकर, जो प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त कर अपनी दिनचर्या को समय प्रबंधन के साथ प्रारंभ करते हैं, वे कभी अपने इरादों को भाग्य के पन्नों पर कोरे नहीं छोड़ते। ऐसे लोग जीवन की परीक्षा में हमेशा अव्वल

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The Immutable Principle Of Karma And The Truth Of Life

कर्मों का अटल सिद्धांत और जीवन का सत्य किए गए बुरे कर्म और दिया गया छल-कपट, धोखा या फरेब हमारे मन और चित्त में गहराई से बस जाते हैं और समय के साथ परिपक्व होकर किसी न किसी रूप में हमारे जीवन में वापस लौटते हैं। यह कर्मों का अटल सिद्धांत है कि जो हम

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 Importance Of Virtues And Satvik Values

 सद्गुणों और सात्विक मूल्यों का महत्व प्रारब्ध (भाग्य) चाहे सत्ता, संपत्ति, शरीर, संबंधी, या रिश्तेदारों का साथ दे या न दे, लेकिन सत्वगुण, सदाचार, संस्कार, दया, परंपरा, सद्भाव, समन्वय, सहयोग, ईमानदारी और सच्चे-सात्विक संबंध हमेशा हमारा साथ देते हैं। यह केवल एक विश्वास नहीं, बल्कि अनुभव का सत्य है। संसार की भौतिक वस्तुएँ क्षणभंगुर हैं।

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Path To Self Power And Spiritual Progress 

आत्मशक्ति और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग यह सच है कि हमारे अंदर केवल कमजोरियाँ, असहायता और भ्रांतियाँ ही नहीं, बल्कि असीम क्षमता, अनंत ज्ञान और अपार आनंद भी विद्यमान हैं। यदि हमारे भीतर बीमारी है, तो उसका इलाज भी हमारे भीतर ही है, और यह इलाज आत्मबल, आत्मज्ञान, आत्मचिंतन और आत्मविचार के रूप में उपस्थित

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 Letting Go Of Ego: The True Path To Attaining God

अहंकार का त्याग: ईश्वर प्राप्ति की सच्ची साधना अहंकार का त्याग ही ईश्वर की वास्तविक पूजा, पाठ, जप, तप, और भक्ति साधना है। तपस्या का मूल मंत्र है – आत्म-संयम और भगवान में पूर्ण विश्वास। यही न केवल आत्मा को शुद्ध करता है, बल्कि यह भविष्य में भाग्य उदय और ईश्वर प्राप्ति का आधार और

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ईश्वर का शाश्वत सत्य और गुरु की कृपा

ईश्वर का शाश्वत सत्य और गुरु की कृपा ईशवर का नाम भी शाश्वत सत्य हैं।  वह ब्रह्माण्ड का रचियता हैं , भय से रहित हैं , किसी से बैर नहीं करता , अजन्म तथा स्वयंभू हैं।  ईश्वर को सद्गुरु की कृपा से ही प्राप्त किया जा सकता हैं। महत्वपूर्ण बिंदु ईश्वर का शाश्वत सत्य –

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Life And Death In God’s Command

ईश्वर के आदेश में जीवन और मृत्यु मनुष्य ईश्वर के आदेशानुसार ही संसार में अपना जीवन भोगने आता हैं और चला जाता हैं।  यदि मनुष्य के वश या नियंत्रण में हो तो संसार में एक बार आकर यही रह जाए , किन्तु परमात्मा का बुलावा आता हैं तो क्षण भर की मोहलत नहीं मिलती।  मृत्यु

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Coordination of Religions: A Necessity for Human Welfare And National Interest

धर्मों का समन्वय: मानव कल्याण और देशहित की आवश्यकता धर्म प्रधान एवं अध्यात्म प्रेमी व्यक्तियों तथा धर्मों का एक दूसरे से समन्वय से भातृत्व सम्बन्ध होना मानव कल्याण के लिए परम आवश्यक हैं।  मुख्य रूप से देश हित में तो ऐसा ही होना अनिवार्य समझा जाना चाहिए।  धर्मों के बारें में पाई जाने वाली गलत

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