Author name: कौशल बंसल जी "शिवोम्" बगला मुखी साधक

“Sahaj Tantra, Mantra, Yantra: The Effortless Path to Inner Liberation and Eternal Peace

This is the Divine Path of Spirituality through Sahaj Tantra, Mantra, and Yantra 🕉 This is not black magic.In this materialistic world, human beings often face insecurity, fear, doubt, sorrow, suffering, disease, decay, and ultimately, death. Nothing in this world is permanent. This world is governed by Sanskar (accumulated impressions) and Prarabdha (destiny). Materialism alone […]

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Shri Ram: The Eternal Truth and Guide of Humanity

श्रीराम: शाश्वत सत्य और मानवता के मार्गदर्शक प्रभु श्री राम शाश्वत, सत्य सनातन, परमात्मा को “मनुष्य स्वरूप” में अवतरित होकर कल्याण का पृथ्वीलोक में जीव निर्जीव को वरदान दे दिया | श्री राम मानवता के सृजन करता और पोषक दोनों है |विचार, वाणी एवं सत्य कर्म के मापदंड होने से उत्कर्ष जीवन जीने का सिद्धांत

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From Darkness to Truth: Breaking the Chains of Superstition

अंधविश्वास और पाखंड के अंधकार से सात्विक सत्य की ओर इस संसार में यदि कोई सबसे गहरा अंधकार है, तो वह अंधविश्वास, झूठी और पाखंडी मान्यताओं का है। यह अंधकार केवल हमारी सोच को नहीं बल्कि हमारे तन, मन और चित्त को भी बंधन में डाल देता है। जब तक हम इन गलत मान्यताओं को

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Truth Is the Greatest Austerity: Lessons from Kabir Das Ji

जीवन जीने की सच्ची राह: सत्य ही सबसे बड़ा तप “साँच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप।जा के मन, चित्त, हृदय साँच है, ताके मन, चित्त, हृदय आप।।”— संत कबीरदास जी संत कबीरदास जी ने सत्य और असत्य के बीच के अंतर को अत्यंत सरल और गहन शब्दों में स्पष्ट किया है। उनके अनुसार, सच्चाई

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The True Essence of Selfless Service

निःस्वार्थ सेवा का स्वरूप अपेक्षारहित अथवा निःस्वार्थ सेवा मानव जीवन में परमार्थ, परोपकार और कल्याण का मार्ग ही नहीं, बल्कि ईश्वर की आराधना और समर्पण का एक रूप भी है। यदि जीवन में सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त हो, तो सभी की सेवा कीजिए, परंतु किसी से भी कोई अपेक्षा मत रखिए। क्योंकि सेवा का

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Origin of Emotions and the Path to a Sattvic Response

संवेग की उत्पत्ति और सात्त्विक समाधान जब मानव के भीतर कोई भावना प्रबलता से उत्पन्न होती है, तो उसका प्रभाव शरीर में एक आंतरिक वेग (force) के रूप में दौड़ने लगता है। यही प्रबल भावना आगे चलकर संवेग (emotion) का रूप धारण कर लेती है। उदाहरण के लिए, यदि किसी ने आपको अपशब्द कहे —

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The Five Elements, Consciousness, and the Path of Self-Development During Navratri

पंचतत्व, चेतना और नवरात्रि में आत्मविकास का मार्ग “मनुष्य जीवन दो प्रकार से सूक्ष्म रूप से जन्म और मृत्यु के बीच जीवनसंचालित होता है|प्रथम तो पांच तत्वों से निर्मित भौतिक जीवन है|इसका अर्थ यह है कि मनुष्य जीवन के लिए इन पांच तत्वों के निहात जरूरत होती है|यह तत्व पृथ्वी,जल,वायु, अग्नि आकाश है|मनुष्य पृथ्वी से

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Right Use of Power and the Path of Public Welfare

सृष्टि,दुनिया में केवल शक्ति सम्पन्न होने मात्र से ही कोई भी पूज्यनीय और वन्दनीय नहीं बन जाता है अपितु उस शक्ति का सही प्रयोग और समय पर प्रयोग करने वालों को ही युगों – युगों तक स्मरण रखा जाता है। केवल सामर्थ्यवान होना पर्याप्त नहीं है अपितु उस सामर्थ्य को लोक मंगल एवं लोक कल्याण

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Divine Energy: The Foundation of Creation and the Divine Vision of Unity in Diversity

ब्रह्मांड में ईश्वरीय शक्ति: एकता में अनेकता का दर्शन ब्रह्मांड में ईश्वरीय शक्ति केवल एक ही है, किंतु उसके विभिन्न कार्यों के अनुसार उसे अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है। ये नाम शक्ति के नहीं, बल्कि उसकी विभिन्न क्रियाओं के हैं। शक्ति में भिन्नता नहीं है, भिन्नता केवल उसकी क्रियाओं में है। ये सभी क्रियाएं

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Sarvtra Vijay Sahayak Yantra

सर्व सिद्ध पारिवारिक आतंरिक स्नेह-प्रेम कारक यंत्र सर्व सिद्ध पारिवारिक आतंरिक स्नेह-प्रेम कारक यंत्र एक अद्भुत और शक्तिशाली यंत्र है, जिसका उपयोग परिवार में स्नेह, प्रेम, और सामंजस्य बढ़ाने के लिए किया जाता है। इस यंत्र का उद्देश्य पारिवारिक संबंधों को मजबूत करना और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना है। जब परिवार के सदस्यों

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