Actions and Their Consequences
मनुष्य के कर्मों का सुधार तो तुरंत ही हो सकता है, परंतु कर्मों का फल तुरंत नहीं मिलता। जितनी देर से कर्मों का फल मिलता है, उतनी ही देर से उसके सुधार की बात भी समझ में आती है। जहरीले साँप के काटते ही आदमी की तुरंत मृत्यु हो जाती है। यह ऐसा कर्म है, […]
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