Glory Of Karmayoga
कर्मयोग की महिमा भगवान कर्मफल , प्रारब्धानुसार प्रदान करते हैं। भाव से भोगा गया कर्मफल प्रारब्ध क्षय का कारण होता हैं , किन्तु कर्तव्य पालन मनुष्य , भक्त , साधक के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। कर्मफल की अनुकूलता -प्रतिकूलता का भाव त्याग कर, ईश्वर की सेवा समझते हुए चीत को सदैव प्रसन्न , संतुष्ट बनाए […]
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