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Glory Of Karmayoga

कर्मयोग की महिमा भगवान कर्मफल , प्रारब्धानुसार प्रदान करते हैं।  भाव से भोगा गया कर्मफल प्रारब्ध क्षय का कारण होता हैं , किन्तु कर्तव्य पालन मनुष्य , भक्त , साधक के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।  कर्मफल की अनुकूलता -प्रतिकूलता का भाव त्याग कर, ईश्वर की सेवा समझते हुए चीत को सदैव प्रसन्न , संतुष्ट बनाए […]

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Fate And Effort The Basis Of Relationships

प्रारब्ध और प्रयास: रिश्तों का आधार कोई भी संबंध या रिश्ता स्वतः अपनी इच्छा से नहीं जुड़ता, क्योंकि जीवन में हमें कब, कहाँ और किससे मिलना है, यह सब केवल प्रारब्ध और नियति के अनुसार होता है। हर रिश्ता हमारी ज़िंदगी में एक विशेष उद्देश्य से आता है, चाहे वह हमें कुछ सिखाने के लिए

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Joint Family The Basis Of Trust Charity and Collective Progress

संयुक्त परिवार: विश्वास, समर्पण और सामूहिक प्रगति का आधार संयुक्त परिवारों में आजकल मन-मुटाव और स्वार्थ की भावना ने वैचारिक मतभेद को गहराई दे दी है। “एक सबके लिए और सब एक के लिए” की भावना जो पहले परिवार के हर कार्य और पुरुषार्थ का आधार थी, वह धीरे-धीरे कमजोर होती जा रही है। यदि

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 प्रार्थना, पुरुषार्थ और समय प्रबंधन से सफलता की कुंजी

यदि प्रार्थना और मन्नत करने वाले लोग आत्मबल, पुरुषार्थ, और समय प्रबंधन के साथ अपने कार्यों को निरंतर करते रहें, तो तरक्की की ऊंचाई पर पहुंचने के लिए कोई भी शक्ति उन्हें रोक नहीं सकती। प्रार्थना और मन्नत से आत्मिक शक्ति का संचार होता है, लेकिन जब इसे पुरुषार्थ और सही समय प्रबंधन के साथ

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The Impact of Companionship and Contemplation on Life

संगति और चिंतन का जीवन पर प्रभाव अपनी संगति का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि सफलता आत्म-चिंतन, आत्म-विचार और आत्मबल से अंदर से उत्पन्न होती है। अच्छा चिंतन और विचार अच्छे मनुष्यों की संगति से प्राप्त होते हैं। यह एक प्राकृतिक नियम है कि सत्य, हमेशा सत्य की खोज करता है, जबकि छल-कपटी लोग हमेशा दूसरों

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Towards Success Through Karmayoga and Time Management

 कर्मयोग और समय प्रबंधन से सफलता की ओर पुरुषार्थ और कर्मयोग के पसीने की बूंदों से ब्रह्म-मुहुर्त में उठकर, जो प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त कर अपनी दिनचर्या को समय प्रबंधन के साथ प्रारंभ करते हैं, वे कभी अपने इरादों को भाग्य के पन्नों पर कोरे नहीं छोड़ते। ऐसे लोग जीवन की परीक्षा में हमेशा अव्वल

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The Immutable Principle Of Karma And The Truth Of Life

कर्मों का अटल सिद्धांत और जीवन का सत्य किए गए बुरे कर्म और दिया गया छल-कपट, धोखा या फरेब हमारे मन और चित्त में गहराई से बस जाते हैं और समय के साथ परिपक्व होकर किसी न किसी रूप में हमारे जीवन में वापस लौटते हैं। यह कर्मों का अटल सिद्धांत है कि जो हम

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 Importance Of Virtues And Satvik Values

 सद्गुणों और सात्विक मूल्यों का महत्व प्रारब्ध (भाग्य) चाहे सत्ता, संपत्ति, शरीर, संबंधी, या रिश्तेदारों का साथ दे या न दे, लेकिन सत्वगुण, सदाचार, संस्कार, दया, परंपरा, सद्भाव, समन्वय, सहयोग, ईमानदारी और सच्चे-सात्विक संबंध हमेशा हमारा साथ देते हैं। यह केवल एक विश्वास नहीं, बल्कि अनुभव का सत्य है। संसार की भौतिक वस्तुएँ क्षणभंगुर हैं।

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Path To Self Power And Spiritual Progress 

आत्मशक्ति और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग यह सच है कि हमारे अंदर केवल कमजोरियाँ, असहायता और भ्रांतियाँ ही नहीं, बल्कि असीम क्षमता, अनंत ज्ञान और अपार आनंद भी विद्यमान हैं। यदि हमारे भीतर बीमारी है, तो उसका इलाज भी हमारे भीतर ही है, और यह इलाज आत्मबल, आत्मज्ञान, आत्मचिंतन और आत्मविचार के रूप में उपस्थित

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 Letting Go Of Ego: The True Path To Attaining God

अहंकार का त्याग: ईश्वर प्राप्ति की सच्ची साधना अहंकार का त्याग ही ईश्वर की वास्तविक पूजा, पाठ, जप, तप, और भक्ति साधना है। तपस्या का मूल मंत्र है – आत्म-संयम और भगवान में पूर्ण विश्वास। यही न केवल आत्मा को शुद्ध करता है, बल्कि यह भविष्य में भाग्य उदय और ईश्वर प्राप्ति का आधार और

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