ब्लॉग

The Limits of Human Effort and the Infinite Grace of God

यदि सृष्टि में प्रत्येक सूक्ष्म और स्थूल कार्य केवल मानव प्रयासों से ही संभव होता, तो प्रभु के अस्तित्व का कोई अर्थ नहीं होता। जहाँ मानव प्रयासों की सीमा समाप्त होती है, वहीं से ईश्वर का दिव्य कार्य आरंभ होता है। इसलिए, जीवन का सार भक्ति, प्रार्थना, ध्यान और आध्यात्मिक साधना में निहित है। जब […]

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Divine Energy: The Foundation of Creation and the Divine Vision of Unity in Diversity

ब्रह्मांड में ईश्वरीय शक्ति: एकता में अनेकता का दर्शन ब्रह्मांड में ईश्वरीय शक्ति केवल एक ही है, किंतु उसके विभिन्न कार्यों के अनुसार उसे अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है। ये नाम शक्ति के नहीं, बल्कि उसकी विभिन्न क्रियाओं के हैं। शक्ति में भिन्नता नहीं है, भिन्नता केवल उसकी क्रियाओं में है। ये सभी क्रियाएं

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Shiva and Shakti: The Spiritual Mystery of Cosmic Balance

अध्यात्म पथ के सभी सम्प्रदायों में केवल शक्ति की ही नहीं, बल्कि शिव सहित शक्ति की उपासना की जाती है, अर्थात उनकी शक्ति, शिव की ही शक्ति है। शक्ति जो भी रूप धारण कर क्रिया करती है, शिव उसके आधार रूप में सदैव उसके साथ रहते हैं। शिव रूपी आधार में कोई भी आंदोलन नहीं

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Paaphareshwar Mahadev Peeth: Double Merit and Happiness with the Blessings of Shiva and Parvati

पापेश्वर महादेव पीठ: शिव-पार्वती की कृपा से दोगुना पुण्य और सुख सर्व सिद्ध माँ बगलामुखी तारा, लक्ष्मी एवं पापहरेश्वर महादेव महाकाल पीठ में पूजा-हवन का दोगुना फल क्यों मिलता है? चतुर्दशी तिथि का विशेष महत्व है क्योंकि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह संपन्न हुआ था। विवाह के उपरांत, दोनों ॐ

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Save Childhood: Secure The Future Of Children From Mobile Addiction

बचपन बचाओ: मोबाइल की लत से बच्चों का भविष्य सुरक्षित करें कहीं हम आँखों से अंधे तो नहीं हो गए हैं। इस समाज में 15 वर्ष से छोटे बच्चों के लिए मोबाइल का उपयोग पूर्णतः बंद होना चाहिए। हम सभी को समाज को संभालने की दिशा में कदम उठाने होंगे, अन्यथा सबका जीवन अंधकारमय हो

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Diligence and Originality The Path to True Success

कर्मशीलता और मौलिकता: सच्ची सफलता का मार्ग दिखावा और दूसरों की नकल करने वाला अकर्मण्य और कर्महीन व्यक्ति थोड़े समय के लिए सफलता प्राप्त कर सकता है, लेकिन यह सफलता केवल दिखावटी और अस्थायी होती है। ऐसा व्यक्ति अपनी असली क्षमताओं और प्रतिभाओं को पहचानने और उनका विकास करने में असफल रहता है। दूसरों की

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The Test of Truth The Path to Self Respect and Peace

सत्य की परीक्षा: आत्मसम्मान और शांति का मार्ग कभी-कभी मनुष्य बिना कोई बुरे कर्म किए भी बुरा कहलाने लगता है, क्योंकि लोग असत्य को सत्य मानने के लिए विवश करते हैं। यह स्थिति मनुष्य के चरित्र और उसके मूल्यों की कठिन परीक्षा होती है। सत्य को पहचानना और उस पर अडिग रहना आसान नहीं होता,

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The Power Of Right Decision From Self Reflection To Success

सही निर्णय की शक्ति: आत्म-चिंतन से सफलता तक अर्जुन ने एक ही निर्णय आत्म-बल, आत्म-चिंतन, आत्म-विचार और आत्म-ज्ञान के गहन विश्लेषण के बाद किया था।यही निर्णय उनके जीवन की दिशा और दशा दोनों को बदलने वाला सिद्ध हुआ।इस एक सही निर्णय ने न केवल उनके लिए सही मार्ग प्रशस्त किया, बल्कि आगे के सभी धनात्मक

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Broken Relationships & Disintegrating Society Rebuilding Solidarity

टूटते रिश्ते और बिखरता समाज: एकजुटता का पुनर्निर्माण संयुक्त परिवार और सामाजिक संगठन धीरे-धीरे टूटते जा रहे हैं। विश्वास, संवाद, समन्वय, सहयोग और समझदारी ही मजबूत संबंधों और रिश्तों की नींव हैं। आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में, एकजुटता और साथ रहने का महत्व धीरे-धीरे घटता जा रहा है क्योंकि व्यक्तिवाद प्राथमिकता ले रहा है।

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Path Of Spiritual Progress

आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग ईश्वर, मंत्र, सूक्ष्म चैतन्य शक्ति तथा गुरु एक ही तत्व के विभिन्न स्तर हैं। ये सभी आत्मिक विकास और आध्यात्मिक जागरण के साधन हैं। इनमें प्रार्थना, जप-तप, भक्ति, साधना, ध्यान और योग की दृष्टि से अलग-अलग तत्वों की कल्पना की गई है। मनुष्य, भक्त और साधक अपनी आध्यात्मिक उन्नति के साथ

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