आध्यात्मिक

Shri Ram: The Eternal Truth and Guide of Humanity

श्रीराम: शाश्वत सत्य और मानवता के मार्गदर्शक प्रभु श्री राम शाश्वत, सत्य सनातन, परमात्मा को “मनुष्य स्वरूप” में अवतरित होकर कल्याण का पृथ्वीलोक में जीव निर्जीव को वरदान दे दिया | श्री राम मानवता के सृजन करता और पोषक दोनों है |विचार, वाणी एवं सत्य कर्म के मापदंड होने से उत्कर्ष जीवन जीने का सिद्धांत […]

Shri Ram: The Eternal Truth and Guide of Humanity Read More »

From Darkness to Truth: Breaking the Chains of Superstition

अंधविश्वास और पाखंड के अंधकार से सात्विक सत्य की ओर इस संसार में यदि कोई सबसे गहरा अंधकार है, तो वह अंधविश्वास, झूठी और पाखंडी मान्यताओं का है। यह अंधकार केवल हमारी सोच को नहीं बल्कि हमारे तन, मन और चित्त को भी बंधन में डाल देता है। जब तक हम इन गलत मान्यताओं को

From Darkness to Truth: Breaking the Chains of Superstition Read More »

Truth Is the Greatest Austerity: Lessons from Kabir Das Ji

जीवन जीने की सच्ची राह: सत्य ही सबसे बड़ा तप “साँच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप।जा के मन, चित्त, हृदय साँच है, ताके मन, चित्त, हृदय आप।।”— संत कबीरदास जी संत कबीरदास जी ने सत्य और असत्य के बीच के अंतर को अत्यंत सरल और गहन शब्दों में स्पष्ट किया है। उनके अनुसार, सच्चाई

Truth Is the Greatest Austerity: Lessons from Kabir Das Ji Read More »

Origin of Emotions and the Path to a Sattvic Response

संवेग की उत्पत्ति और सात्त्विक समाधान जब मानव के भीतर कोई भावना प्रबलता से उत्पन्न होती है, तो उसका प्रभाव शरीर में एक आंतरिक वेग (force) के रूप में दौड़ने लगता है। यही प्रबल भावना आगे चलकर संवेग (emotion) का रूप धारण कर लेती है। उदाहरण के लिए, यदि किसी ने आपको अपशब्द कहे —

Origin of Emotions and the Path to a Sattvic Response Read More »

The Five Elements, Consciousness, and the Path of Self-Development During Navratri

पंचतत्व, चेतना और नवरात्रि में आत्मविकास का मार्ग “मनुष्य जीवन दो प्रकार से सूक्ष्म रूप से जन्म और मृत्यु के बीच जीवनसंचालित होता है|प्रथम तो पांच तत्वों से निर्मित भौतिक जीवन है|इसका अर्थ यह है कि मनुष्य जीवन के लिए इन पांच तत्वों के निहात जरूरत होती है|यह तत्व पृथ्वी,जल,वायु, अग्नि आकाश है|मनुष्य पृथ्वी से

The Five Elements, Consciousness, and the Path of Self-Development During Navratri Read More »

Right Use of Power and the Path of Public Welfare

सृष्टि,दुनिया में केवल शक्ति सम्पन्न होने मात्र से ही कोई भी पूज्यनीय और वन्दनीय नहीं बन जाता है अपितु उस शक्ति का सही प्रयोग और समय पर प्रयोग करने वालों को ही युगों – युगों तक स्मरण रखा जाता है। केवल सामर्थ्यवान होना पर्याप्त नहीं है अपितु उस सामर्थ्य को लोक मंगल एवं लोक कल्याण

Right Use of Power and the Path of Public Welfare Read More »

Divine Energy: The Foundation of Creation and the Divine Vision of Unity in Diversity

ब्रह्मांड में ईश्वरीय शक्ति: एकता में अनेकता का दर्शन ब्रह्मांड में ईश्वरीय शक्ति केवल एक ही है, किंतु उसके विभिन्न कार्यों के अनुसार उसे अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है। ये नाम शक्ति के नहीं, बल्कि उसकी विभिन्न क्रियाओं के हैं। शक्ति में भिन्नता नहीं है, भिन्नता केवल उसकी क्रियाओं में है। ये सभी क्रियाएं

Divine Energy: The Foundation of Creation and the Divine Vision of Unity in Diversity Read More »

Similarities in Devotion: Sanatan & Bible

सनातन और बाइबल में भक्ति की समानता सनातन भक्ति सूत्र और बाइबल की भक्ति साधना में गहन समानता दृष्टिगोचर होती है। बाइबल में वर्णित प्रभु की प्रार्थना, जिसे साधना क्रम कहा जा सकता है, नारद भक्ति सूत्रों के साधना क्रम से पूरी तरह मेल खाती है। भक्ति मार्ग में जिस आल्हादिनी शक्ति का उल्लेख किया

Similarities in Devotion: Sanatan & Bible Read More »

The Essence of Devotion and Divine Love

ईश्वर की सगुण भक्ति में एक सशक्त माध्यम या आधार मिल जाता है, जिसके सहारे भक्त अपनी आध्यात्मिक यात्रा को आगे बढ़ाता रहता है। जब भक्त या साधक ईश्वरीय शक्ति की जागृति के पश्चात विस्मयकारी घटनाओं को स्वाभाविक रूप से घटित होते हुए देखता है, तो उसके मन में श्रद्धा, विश्वास, समर्पण और प्रेम का

The Essence of Devotion and Divine Love Read More »

The Spiritual And Subtle Mantric Tantric And Yantric Significance Of Holi

आध्यात्मिक महत्व होली केवल रंगों का त्यौहार नहीं है। बल्कि, इसका गहरा आध्यात्मिक महत्व भी है ।(1) अहंकार का नाश (प्रह्लाद और होलिका की कथा)होली बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। भक्त प्रह्लाद की भक्ति और होलिका के जलने की कथा हमें सिखाती है कि, ईश्वर में अटूट श्रद्धा रखने वाले को, कोई

The Spiritual And Subtle Mantric Tantric And Yantric Significance Of Holi Read More »

Shopping Cart
Scroll to Top
Enable Notifications OK No thanks