Divine Consciousness And Purification Of The Mind Through Karma
ईश्वरीय चेतना और कर्म से चित्त की शुद्धि जब मानव में ईश्वरीय चैतन्य सूक्ष्म शक्ति जप-तप , प्रार्थना आदि से अंतर में जाग्रत एवं कार्यशील हो उठती हैं तो भक्त , साधक के चित्त में संचित पाप राशि को जलाकर भस्म कर देती हैं। इसलिए आतंरिक जाग्रत ईश्वरीय चेतन सूक्ष्म शक्ति को अग्नि की उपमा […]
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