Purification Of Actions Through Mantra Chanting And Divine Service
मंत्र जप और ईश्वर सेवा से कर्म का शुद्धिकरण मंत्र जप का अर्थ किसी मंत्र, पद , चालीसा , स्त्रोत , गुरु मंत्र का बार बार मन , चित्त में स्मरण करना अर्थात दोहराना होता हैं। जब ईश्वर की सेवा समझ कर प्रार्थना , जप-तप एवं कर्म किया जाता हैं तो कर्म का संस्कार संचय […]
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